"एक नजर ने उलझाया,मेरे ख्वाबों में आकर ..,
अजीब है वो देखती मेरी हाथों में उंगली फंसाकर..,
बात कन्हैया की है करती..महाभारत में उलझा कर..,
मेरी तरफ है फिर देखती-चाँद को दिखाकर .."
हर ओर अब गूंजती उसकी आवाज़ है..,
मैं बे-हया हूँ और वो बेमिशाल है ..,
जो देखती है मुझको पूछती सवाल है ..,
मोहबत में नहीं उलझते..क्या ये बवाल है..,
।
"Aj mujhe se ek ladki mili gori si,pyari si mere hi college ki law karti hai maine kaha is kale coat me apki khoobsurati badhe jati hai....to usne kaha..."
"वो बातों-बातों में मेरा सबकुछ चुरा लिया ..,
और इश्क की खुमारी को सर पे चढ़ा लिया ...,
ये सोचकर की काला रंग मुझे पे फबेगा,
कर ली वकालत हमने काला कोट चढ़ा लिया,"
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