कैसे बताऊँ मैं क्या हूँ ...,
दरिया जो सुख गया ...उसकी प्यास हूँ ..,
खेतों सुखा पड़ा है ..तो किसानो का कयास हूँ ..,
ख्यालों में तेरे कैसे आऊं मैं ....,
दरिया जो सुख गया ...उसकी प्यास हूँ ..,
खेतों सुखा पड़ा है ..तो किसानो का कयास हूँ ..,
ख्यालों में तेरे कैसे आऊं मैं ....,
मैं तो तेरे शहर का प्यास हूँ ..,
मेरे दोस्त कहेते हैं ...हँसता क्यों नहीं तू ..,
मेरे दोस्त कहेते हैं ...हँसता क्यों नहीं तू ..,
बोल कैसे दिखाऊँ उन्हें ..कितना उदास हूँ .., कैसे बताऊँ मैं क्या हूँ ...,
तेरे आरजू की ,...मंजर क्या बताऊँ ..,
कितना चाहता है "अम्बर" कैसे ये समझाऊं ..,
वो तेरी बातों का असर तो रहेगा ...
तेरे चाहने वालों को खबर भी रहेगा ..,
जिस दिन में लौटा बुलंदियों को छूकर..,
जिस दिन में लौटा बुलंदियों को छूकर..,
समझ जाना तेरे ही मोहब्बत का असर वो रहेगा ..,
मुझपे हुस्न से असर डालने की कोशिशें हुईं बहुत ..,
पर उन कोशिशों कमी तेरे जलवों की रह गयी..,
वरना वो तो सफल होने को थे " Ranu "
वरना वो तो सफल होने को थे " Ranu "
और बस थोड़ी सी तेरे मुस्कुराहट की क़सर रह गयी ..,
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